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अयोध्या में जल्द राम मंदिर निर्माण चाहती है भाजपा, कांग्रेस रोड़े अटका रही : शाह

Yamini Saini
  • रामलीला मैदान में भाजपा का दो दिवसीय अधिवेशन
  • शाह ने कहा- 2019 का चुनाव वैचारिक युद्ध, इसमें दो विचारधाराएं आमने-सामने
  • उन्होंने कहा-  भाजपा के लिए अटल-आडवाणी जी की जोड़ी ने जो संघर्ष किया, ऐसा शायद ही कभी हुआ हो

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा का दो दिवसीय अधिवेशन शुक्रवार को शुरू हुआ। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘‘भाजपा अयोध्या में जल्द राम मंदिर निर्माण चाहती है, इसमें कोई दुविधा नहीं है। हम प्रयास कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है।’’ सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर सुनवाई की अगली तारीख 29 जनवरी तय की है।

शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा, "2019 का चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है। दो विचारधाराएं आमने-सामने खड़ी हैं। 2019 का युद्ध (चुनाव) सदियों तक असर छोड़ने वाला है और इसलिए मैं मानता हूं कि इसे जीतना बहुत अहम है।" भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश के हर कोने में भाजपा को पहुंचाने के लिए अटल जी और आडवाणी जी की जोड़ी ने जो संघर्ष किया, ऐसा संघर्ष शायद ही कभी हुआ हो।

उप्र में सीटें 73 से 72 नहीं होंगी- शाह
उप्र में सपा-बसपा गठबंधन को लेकर शाह ने कहा कि एक दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले मोदी को हराना मुमकिन नहीं है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में 50% की लड़ाई है। भाजपा उप्र में 73 से 72 सीटें नहीं लाएगी, बल्कि ये 74 हो सकती हैं।

चोरों को चौकीदार ही पकड़ कर लाएगा
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या इन सबको लोन कांग्रेस के शासन में दिए गए, तब उनको भागने की जरूरत नहीं हुई। लेकिन जब चौकीदार सत्ता में आया तो इन्हें डर पैदा हुआ और वो बाहर भागे। इन सब चोरों को चौकीदार ही पकड़ कर लाएगा।''

2019 में 16 राज्यों में भाजपा की सरकारें
जिस भारत की कल्पना विवेकानंद जी ने की थी उस भारत को हम मोदी जी के नेतृत्व में बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। 2014 में 6 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें थी और 2019 में 16 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव दोगुनी गति से बढ़ा है।  

अमित शाह ने सवर्ण आरक्षण के फैसले का स्वागत किया
अमित शाह ने मोदी सरकार के सवर्ण आरक्षण के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ''दोनों सदनों में इस बिल (सवर्ण आरक्षण) को पास कराकर सरकार ने युवाओं के सपनों को साकार करने का काम किया है। संविधान में जो अब तक के महत्वपूर्ण संशोधन हुए हैं उनमें 124वां संशोधन सबसे अहम है। दूसरा फैसला जीएसटी के कानून के तहत हुआ है। एक के बाद एक वस्तुओं के दाम कम करने और शुरुआती दिक्कतों को कम करने के लिए सरकार ने काम किया है। आज हम करोड़ों कार्यकर्ता प्रधानमंत्री जी को बधाई देते हैं।''

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