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कोहली की टीम खेल के सभी विभागों में संतुलित, वर्ल्ड कप जीत सकती है: आईसीसी सीईओ

Yamini Saini
  • रिचर्डसन ने कहा- भारत ने पिछले 4-5 सालों में बेहतर खेल दिखाया
  • आईसीसी ने कोका-कोला को नॉन-अल्कोहलिक ब्रेवरी पार्टनर बनाया

नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डेविड रिचर्डसन ने भारत को इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप में खिताब का प्रबल दावेदार बताया। रिचर्डसन ने कहा, "सौरव गांगुली के समय भारत के पास सचिन तेंदुलकर, विरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ जैसे बल्लेबाज थे, लेकिन गेंदबाजी के कारण भारत को कई बार निराशा का सामना करना पड़ा। मगर विराट कोहली की मौजूदा टीम खेल के सभी विभागों में इतनी संतुलित है। उसे हराना मुश्किल है।" उन्होंने आईसीसी और कोका कोला के बीच पांच साल के करार के मौके पर यह बात कही।

 आईसीसी ने कोका कोला को अपना नॉन-अल्कोहलिक ब्रेवरी पार्टनर बनाया है। इसके तहत कोला-कोला को आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप, महिला और पुरुष टी-20 विश्व कप और अन्य टूर्नामेंट में साझीदार के तौर पर रहेगा। भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में कोका-कोला के अध्यक्ष टी. कृष्णकुमार ने कहा, "क्रिकेट वैश्विक रूप से लोकप्रिय खेल है। इसका जुनून हर पीढ़ी के लोग साझा करते हैं।"

 

पिछले 4-5 सालों में भारतीय टीम ने बेहतर खेल दिखाया: रिचर्डसन


भारत के चैम्पियन बनने को लेकर रिचर्डसन ने कहा, "30 मई से इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप के विजेता की भविष्यवाणी करना मुश्किल काम है, लेकिन पिछले 4-5 साल में भारतीय टीम ने जैसी प्रगति की है, उसे देखते हुए भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा सकता है।"

 

 'रैंकिंग के कारण भारत-पाक को टी-20 वर्ल्ड कप में अलग-अलग ग्रुप में रखा गया'


2020 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप के ग्रुप चरण में भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला न होने के सवाल पर रिचर्डसन ने कहा, "हम विश्व कप में ग्रुप निर्धारण करते समय विश्व रैंकिंग को आधार बनाते हैं। टूर्नामेंट की कट-ऑफ तारीख के समय टी-20 विश्व रैंकिंग में पाकिस्तान पहले और भारत दूसरे स्थान पर था। ऐसे में दोनों को अलग-अलग ग्रुप में जाना था।"

 

'हम भ्रष्टाचार के साथ खिलाड़ियों के आचरण पर भी नजर रखते हैं'


क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकने के लिए आईसीसी के प्रयासों के बारे में रिचर्डसन ने कहा, "हम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाते हैं, बल्कि खिलाड़ियों के आचरण पर भी ध्यान रखते हैं। क्रिकेट की भावना को बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है। हम ऐसे लोगों को दूर रखने की कोशिश करते हैं जो मैचों को फिक्स करने के लिए खिलाड़ियों के आसपास मंडराते हैं। अच्छी बात यह है कि खिलाड़ी अब इतने जागरुक हैं कि वे ऐसी किसी भी कोशिश के बारे में आईसीसी को सूचित करते हैं।"

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