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लगातार 10 दिनों तक गेम खेलने से फिटनेस ट्रेनर की मानसिक हालत बिगड़ी

Yamini Saini
  • लगातार पबजी खेलने से फिटनेस ट्रेनर का मानसिक संतुलन बिगड़ गया
  • उसके दिमाग पर गेम का असर हो गया, जिससे खुद को नुकसान पहुंचाने लगा
  • राज्य में इस तरह का 6वां मामला, स्थानीय लोगों ने राज्यपाल से इस गेम पर बैन लगाने की मांग की

ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया के सबसे पॉपुलर गेम में से एक पबजी की वजह से अब एक फिटनेस ट्रेनर को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। दरअसल, जम्मू कश्मीर के रहने वाले फिटनेस ट्रेनर लगातार 10 दिन से पबजी खेल रहा था, जिस वजह से उसके दिमाग पर इस गेम का असर इस कदर हावी हो गया कि वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठा। जिसके बाद उसे वहां के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसको ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।


उसके दिमाग ने ठीक तरह से काम करना बंद किया

  • फिटनेस ट्रेनर की पहचान तो जाहिर नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि उसने 10 दिन पहले ही पबजी गेम डाउनलोड किया था और उसके बाद से लगातार इस गेम को खेले जा रहा था।
  • लगातार इतने दिनों तक गेम खेलने की वजह से उसकी दिमागी हालत बिगड़ती चली गई और गेम का एक राउंड पूरा करने के बाद वो खुद को नुकसान पहुंचाने लगा। 
  • फिटनेस ट्रेनर का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने मीडिया को बताया कि उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि वो अपने पहचान वालों को पहचान तो रहा है, लेकिन उसके दिमाग पर अभी भी गेम का असर है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका दिमाग ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहा है।


अब तक 6 मामले आए, गेम पर बैन लगाने की मांग

जम्मू-कश्मीर में पबजी गेम की वजह से इस तरह के अब तक 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर इस गेम पर बैन लगाने की मांग की है। 

गेम खेलना भी मानसिक रोग होता है

  • पिछले साल ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गेम खेलने की लत को मानसिक रोग की श्रेणी में शामिल किया है, जिसे 'गेमिंग डिसऑर्डर' नाम दिया गया है। शट क्लीनिक के अनुसार टेक एडिक्शन वालों में 60 फीसदी गेम्स खेलते हैं। 20 फीसदी पोर्न साइट देखने वाले होते हैं। बाकी 20 फीसदी में सोशल मीडिया, वॉट्सएप आदि के मरीज आते हैं।
  • शट (सर्विसेस फॉर हेल्दी यूज ऑफ टेक्नोलॉजी) क्लीनिक के डॉक्टर मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि गेम खेलने की वजह से खुद का खुद पर नियंत्रण खत्म हो रहा है। गेम खेलते हैं तो खेलते ही रहते हैं। जीवन शैली में एक ही एक्टिविटी रह गई है। उनका कहना है कि गेम खेलने से होने वाले नुकसान की जानकारी भी होती है, लेकिन उसके बावजूद आप खेलते रहते हैं।


दुनियाभर में 2.3 अरब गेमर्स, इनमें से 22 करोड़ भारत में

  • गेमिंग एनालिटिक्स फर्म न्यूज़ू के मुताबिक दुनियाभर में आज गेमिंग इंडस्ट्री की कमाई 138 अरब डॉलर (करीब 9700 अरब रुपए) से ज्यादा की हो चुकी है। इसमें लगभग 51 फीसदी हिस्सेदारी मोबाइल सेगमेंट की है।  
  • वहीं गेमिंग रेवेन्यू के मामले में भारत टॉप 20 देशों में आता है। 2021 तक गेमिंग मार्केट की कमाई 100 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है। न्यूज़ू के मुताबिक पूरी दुनिया में 2.3 अरब गेमर्स हैं। इसमें 22 करोड़ गेमर्स भारत से हैं।

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