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नीमच में अचानक बारिश के साथ गिरे ओले, कश्मीर में बर्फबारी से ठंड के लौटने की संभावना

Yamini Saini
  • मनासा के आधा दर्जन गांवों में सुबह बारिश के साथ करीब 10 मिनट ओले गिरे

इंदौरभोपाल. नीमच जिले के मनासा में सोमवार सुबह अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला। यहां सुबह लोगों की आंख खुली तो आसमान से बारिश के बूंदें गिर रही थीं। कुछ देर में बारिश के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। करीब आधा दर्जन गांव में चने के आकार के ओले गिरे। मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बनने के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से हल्की बारिश की संभावना है, जिसका असर सोमवार सुबह नीमच के मनासा में दिखाई दिया। मौसम विभाग की माने तो कश्मीर पहुंचने वाला सिस्टम सीजन का सबसे स्ट्रांग सिस्टम होने का अनुमान है। इस दौरान कश्मीर में इस सीजन की सबसे ज्यादा बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इसका असर मध्यप्रदेश पर भी पड़ेगा।

सोमवार सुबह करीब 7 बजे के करी मनासा के मोया, रायसिंहपुरा, भदवा सहित आधा दर्जन गांवों में बारिश हुई। बारिश के साथ ही यहां करीब 10 मिनट तक ओले गिरे। कुछ समय से मौसम में ठंड का असर कम होने लगा था। सुबह बारिश और ओले की वजह से ठंड बढ़ गई। लोगों ने बताया कि रविवार को मौसम पूरी तरह से साफ था और ठंड भी कम थी। सोमवार सुबह सोकर उठे तो बारिश हो रही थाी। कुछ ही देर में चने के आकार के ओले गिरने शुरू हो गए। बेमौसम हुई इस बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खेतों में इस वक्त फसल खड़ी है और ओलों से नुकसान की आशंका है।

 11 से 13 किमी प्रति घंटे की रफ़तार से चलेंगी हवाएं : जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ का असर मप्र के तापमान पर दिखाई देने लगा है। मौसम विशेषज्ञ जीडी मिश्रा ने बताया कि 21 जनवरी के बाद मौसम बदलेगा। ऐसे में क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे। क्षेत्र में हल्की बारिश की भी संभावना है। इसके बाद फिर से घना कोहरा छाने से सर्दी बढ़ेगी। आने वाले दिनों में 11 से 13 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। शुरू में उत्तर पूर्व की दिशा से हवाएं चलेंगी। इसके बाद पूर्व दिशा से हवाएं चलेंगी। फिर इन हवाओं की गति में बदलाव होगा। कुछ दिन पहले भी उत्तर दिशा से हवाओं के चलने से तेज सर्दी पड़ने लगी थी।


इसलिए पड़ेगी कड़ाके की ठंड : कश्मीर पहुंचने वाला सिस्टम सीजन का सबसे स्ट्रांग सिस्टम होगा। इस वजह से उत्तरी इलाकों में भारी बर्फबारी होगी। हवा का एक चक्रवात देश के पश्चिमी हिस्से अफगानिस्तान, पाकिस्तान से होता हुआ कश्मीर पहुंचता है। इसके कारण वहां मौसम बदलता है।

 क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स : पश्चिमी विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाक़ों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफ़ान को कहते हैं। पश्चिमी विक्षोभ वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अन्ध महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे अचानक वर्षा और बर्फ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान व नेपाल पर गिरा देता है।

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