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दुनिया के सबसे तनहा और शांत मेढ़क रोमियो को दस साल के इंतजार में बाद मिलेगी जूलियट

Yamini Saini

दुनिया के सबसे तनहा और शांत मेढ़क रोमियो को दस साल के इंतजार में बाद मिलेगी जूलियट

लाइफस्टाइल डेस्क. दस साल के इंतजार के बाद दुनिया के सबसे तनहा मेढ़क रोमियो की मुलाकात जूलियट से होगी। सेहुएनकस एक जलीय प्रजाति का मेढ़क है जो विलुप्ति की कगार पर है। वैज्ञानिकों ने इसे 10 पहले पकड़कर बोलिवियन एक्वेरियम में रखा था और रोमियाे नाम दिया था। इसकी देखभाल करने वालों ने कुछ समय पहले मादा सेहुएनकस की तलाश शुरू की थी। करीब 1 साल बाद वैज्ञानिकों को इसके लिए मादा मेढ़क मिल गई है जिसे जूलियट कहा रहा है। 

5 बातें सेहुएनकस प्रजाति के मेढ़क से जुड़ी

  1. रोमियो के पांच नए साथी मिले

     

    विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी इस प्रजाति को सहेजने के लिए वैज्ञानिकों को एक नहर में पांच सेहुएनकस मेढ़क मिले जिसे निकालकर सहेज लिया गया। इनमें 3 नर और दो मादा थीं। उस दौरान करीब 10 साल में पहली बार सेहुएनकस की प्रजाति को देखा गया था। रोमियो के दूसरे साथी भी बोलिविया के एक हिस्ट्री म्यूजियम में रखे गए हैं। 

     

  2. रोमियाे शर्मीला और जूलियट है चंचल

     

    म्यूजियम की हेड टेरेसा के मुताबिक, रोमियाे काफी शांत रहता है और बहुत ज्यादा दौड़-भाग नहीं करता है। यह काफी स्वस्थ और शर्मीला है। वहीं जूलियट काफी चंचल है। उसमें बहुत एनर्जी और लंबी दूरी तक तैरने के साथ खाना भी ज्यादा खाती है। कभी-कभी वह पानी से निकलने का प्रयास भी करती है।

     

  3. संक्रमण के इलाज के बाद होगी मेटिंग

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    ग्लोबल वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन से जुड़े क्रिस जॉर्डन का कहना है कि हमारे पास इस प्रजाति को सुरक्षित करने का एक अच्छा मौका है। इसकी मदद से बोलिविया के जंगल और यहां की विविधता को एक फिर जीवित किया जा सकेगा। हमारी कोशिश जारी है कि इसकी और भी प्रजातियों को कैसे संरक्षित किया जाए। संक्रमण के कारण पानी और जमीन पर रहने वालो जीवों (उभयचरों) की संख्या में कमी आ रही है। ऐसे में पांच नए मेढ़कों को रोमियाे के साथ रखने से पहले इनकी जांच और इलाज किया जाएगा। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोमियो और जूलियट की मेटिंग के बाद इनका वंश आगे बढ़ेगा। 

     

  4. उभयचरों की 22 फीसदी प्रजाति खतरे में

     

    बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 22 फीसदी उभयचरों की प्रजाति खतरे में हैं। इसका कारण उनका दिन-प्रतिदन घटता वास स्थल, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन है। टेरेसा कहती हैं कि रोमियो की प्रजाति बचाने के लिए पिछले साल एक अभियान की शुरुआत हुई  थी। जिसमें 17 लाख 40 हजार रुपए इकट्ठा हुए थे। इस पैसे का इस्तेमाल बोलिविया में ऐसे जगहों का पता लगाने में किया गया था जहां ये मेढ़क पाए जाते हैं।

     

  5. कौन हैं सेहुएनकस प्रजाति के मेढ़क

     

    • सेहुएनकस प्रजाति के मेढ़क बोलिविया के पूर्वी इलाकों में पाए जाते हैं। ये समुद्र स्तर के 2-3 हजार मीटर की ऊंचाई पर पाए जाते हैं। 
    • ये ऐसे जलीय प्रजाति के मेढ़क हैं जो झरने, तालाब और नदियों की तली में पाए जाते हैं। इनकी मेटिंग और लार्वा का विकास पानी में ही होता है।
    • जगह की कमी, जल प्रदूषण और कृषि के कारण पानी में मिलने वाले रसायन इसकी संख्या में कमी का कारण बन रहे हैं। इसके अलावा कायट्रियोडियोमायकोसिस का संक्रमण भी इनकी संख्या घटा रहा है। यह एक तरह फंगल इंफेक्शन है जो दुनियाभर में उभचयरों के लिए खतरा बन रहा है। 
    • अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण संघ ने सेहुएनकस मेढ़क को विलुप्त प्रजाति की सूची में शामिल किया है। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए समर्पित एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। जिसका लक्षय विश्व की सबसे विकट पर्यावरण और विकास संबंधी चुनौतियों के लिए समाधान खोजना है।

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